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Monday, 20 January 2014

आइए, तलाशें जूनियर जांबाज

बहादुर बच्चों के कारनामे आपने जरूर सुने होंगे। कैसे छोटे-से बच्चे ने अपने साथी को डूबने से बचा लिया। कैसे सूझबूझ दिखाते हुए आग से घर को सेफ कर लिया। कैसे लुटेरों को चकमा दिया। आइए, तलाश करें ऐसे ही कुछ जाबांज बच्चों की। जूनियर जांबाज दिल्ली-एनसीआर के ऐसे बच्चे हैं, जिन्होंने छोटी-सी उम्र में ही ऐसा कारनामा कर दिया कि उनकी बहादुरी एक मिसाल बन गई। अगर आपको ऐसे किसी बच्चे के बारे में जानकारी है तो हमें भेजिए।

बच्चे की उम्र 15 साल से कम होनी चाहिए। अगर उस कारनामे का कोई सबूत हो तो बहुत अच्छा। अगर कोई स्कूल अपने किसी स्टूडेंट के ऐसे किसी कारनामे को जानता है तो स्कूल के लेटर हेड पर हमें लिख भेजिए। हम दिल्ली और एनसीआर के ऐसे 10 बच्चो को चुनेंगे, जिन्होंने वाकई बहादुरी का काम किया है और उन्हें लाएंगे सभी के सामने। इन बच्चों की बहादुरी की कहानी हम एनबीटी में फोटो के साथ छापेंगे।

बच्चे की उम्र 15 साल से अधिक न हो।
अगर स्टोरी चुनी जाती है तो पैरंट्स को एक ऐफिडेविट देना होगा कि घटना एकदम सच्ची है।

अगर कोई स्कूल अपने किसी स्टूडेंट के ऐसे किसी कारनामे को जानता है तो स्कूल के लेटर हेड पर हमें लिख भेजिए। 

- अगर स्टोरी का कोई सबूत है तो जरूर भेजें।

आप अपनी एंट्री 23 जनवरी की शाम 5 बजे तक nbtdilli@gmail.com पर भेजें या एनबीटी के ऑफिस 9-10 बहादुरशाह जफर मार्ग, एक्सप्रेस बिल्डिंग, नई दिल्ली-110002 पर रखे ड्रॉप बॉक्स में आकर डाल दें। 

- स्टोरी के साथ बच्चे का फोटो, पता और आपका टेलfफोन नंबर जरूर होना चाहिए।
24 जनवरी को बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।

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