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Monday, 20 January 2014

अग्नि-4 का तीसरा टेस्ट भी कामयाब

नई दिल्ली
भारत ने सोमवार को ओडिशा तट से सफलतापूर्वक अपनी परमाणु क्षमता संपन्न सामरिक मिसाइल अग्नि चार का परीक्षण किया। इसकी मारक क्षमता करीब चार हजार किलोमीटर है। इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज के निदेशक एमवीकेवी प्रसाद ने बताया कि टेस्ट पूरी तरह सफल रहा। मिसाइल ने अपनी पूरी रेंज की दूरी तय की।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि यह टेस्ट वीलर आइलैंड पर आईटीआर के परिसर नंबर चार से किया गया। डीआरडीओ के एक अधिकारी ने बताया कि यह आधुनिक उपकरणों से लैस है जिससे उच्च स्तर की विश्वसनीयता हासिल होगी। यह आधुनिक मिसाइल वजन में हल्की और दो स्तरीय सॉलिड प्रपल्शन युक्त है।

डीआरडीओ इस मिसाइल का डिवेलपमेंट टेस्ट कर रहा है। अग्नि चार का यह ऐसा तीसरा टेस्ट है। इस कामयाबी के साथ ही अब यह उत्पादन के लिए तैयार है। डीआरडीओ चीफ अविनाश चंदर के मुताबिक, यह इस मिसाइल का तीसरा कामयाब लॉन्च है और अब इसका डिवेलपमेंट प्रोसेस पूरा हो गया है। इसी बेस से 19 सितंबर 2012 को इस मिसाइल का पिछला टेस्ट किया गया था।
वैज्ञानिकों के मुताबिक मिसाइल को अपने लक्ष्य पर निशाना लगाने के लिए उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर, तेज गति वाली संचार प्रणाली और एक पूर्ण डिजिटल कंट्रोल प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। दो चरणों की ठोस ईंधन वाली अग्नि-4 मिसाइल को सटीक लक्ष्य पर गिरने के लिए माइक्रो नेविगेशन सिस्टम भी लगाया गया था।

यह मिसाइल छूटने के बाद पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर जाती है और पृथ्वी की कक्षा में लौटने के लिए यह तीन हजार डिग्री तापमान तक बर्दाश्त कर सकती है। मिसाइल के उड़ान पथ पर नजर रखने के लिए ओडिशा के समुद्र तट पर रेडार और इलेक्ट्रोऑप्टिकल सिस्टम भी तैनात किया गया था तो मिसाइल के हवाई पथ पर नजर रखने के लिए इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल उपकरण भी तैनात थे। मिसाइल जहां गिरनी थी, वहां भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी इस पर नजर रखने के लिए तैनात थे।

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